
Gardish Mein Hoon
Original price was: ₹269.00.₹242.00Current price is: ₹242.00. (-10%)

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Gardish Mein Hoon
Gardish Mein Hoon का उद्देश्य काल्पनिक पात्रों और कहानियों के माध्यम से इस युवा लेखक द्वारा यह बताना है कि हम बच्चों के लड़कपन और आपराधिक नियत में विभक्तिकरण करना शुरू करें। कभी-कभी हम समाज में कुछ ऐसा होते देखते हैं जो हम जानते हैं गलत है, मगर चुपचाप उसपर आखें मूँद लेते हैं। मगर एक लेखक से ऐसा नहीं हो पाता, वो उस पर आखें नहीं मूँद पाता और कहानी पिरो देता है
| Weight | 240 g |
|---|---|
| Dimensions | 13 × 2 × 20 cm |
Gardish Mein Hoon
Gardish Mein Hoon
बहुत उम्दा 👌
ऑनलाइन दुनिया ही अजीब है। अपने आस-पड़ोस, गाँव, देहात, रिश्तेदारी, दोस्ती यारी, चौक, मोहल्ले या फिर संसार के किसी भी कोने में किसी भी प्रकार के आदमी से अगर आपकी तू-तू मैं-मैं हुई हो, तो हो सकता है कि किसी खास मौके पर या वेमौके ही आपकी सुलह हो जाए, लेकिन ऑनलाइन दुनिया में सुलह एक असंभव सा वाक्य है। यहाँ की दोस्ती की कोई गारंटी नहीं लेकिन यहाँ की दुश्मनी एकदम मजबूत और गाढ़ी होती है, साल गुजर जाते लेकिन दुश्मनी जस के तस रहती है। समय-समय पर आप कोई पोस्ट करके, या किसी पोस्ट का स्क्रीनशॉट लगाकर और कुछ नहीं तो किसी और के पोस्ट पर अपने दुश्मन के ऊपर कोई विशेष टिप्पणी देकर इस दुश्मनी की आग में घी डालने का काम करते हैं।
#गर्दिश_में_हूँ….
Ayush Vedant
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Gardish Mein Hoon का उद्देश्य काल्पनिक पात्रों और कहानियों के माध्यम से इस युवा लेखक द्वारा यह बताना है कि हम बच्चों के लड़कपन और आपराधिक नियत में विभक्तिकरण करना शुरू करें। कभी-कभी हम समाज में कुछ ऐसा होते देखते हैं जो हम जानते हैं गलत है, मगर चुपचाप उसपर आखें मूँद लेते हैं। मगर एक लेखक से ऐसा नहीं हो पाता, वो उस पर आखें नहीं मूँद पाता और कहानी पिरो देता है
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|---|---|
| Dimensions | 13 × 2 × 20 cm |
Gardish Mein Hoon
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बहुत उम्दा 👌
ऑनलाइन दुनिया ही अजीब है। अपने आस-पड़ोस, गाँव, देहात, रिश्तेदारी, दोस्ती यारी, चौक, मोहल्ले या फिर संसार के किसी भी कोने में किसी भी प्रकार के आदमी से अगर आपकी तू-तू मैं-मैं हुई हो, तो हो सकता है कि किसी खास मौके पर या वेमौके ही आपकी सुलह हो जाए, लेकिन ऑनलाइन दुनिया में सुलह एक असंभव सा वाक्य है। यहाँ की दोस्ती की कोई गारंटी नहीं लेकिन यहाँ की दुश्मनी एकदम मजबूत और गाढ़ी होती है, साल गुजर जाते लेकिन दुश्मनी जस के तस रहती है। समय-समय पर आप कोई पोस्ट करके, या किसी पोस्ट का स्क्रीनशॉट लगाकर और कुछ नहीं तो किसी और के पोस्ट पर अपने दुश्मन के ऊपर कोई विशेष टिप्पणी देकर इस दुश्मनी की आग में घी डालने का काम करते हैं।
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Ayush Vedant