VAISHALI KI NAGARVADHU | वैशाली की नगरवधू | (संपूर्ण संस्करण )
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आचार्य चतुरसेन शास्त्री की कालजयी ऐतिहासिक कृति ‘वैशाली की नगरवधू’ प्राचीन वैशाली की प्रसिद्ध नगरवधू अम्बपाली के जीवन, संघर्ष और आध्यात्मिक परिवर्तन की प्रभावशाली कथा है। वैभव और विलास से बुद्ध की शरण तक की अम्बपाली की यात्रा के माध्यम से यह उपन्यास नारी की गरिमा, प्रेम, राजनीति, सामाजिक रूढ़ियों और धर्म के अनेक आयामों को उजागर करता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सशक्त चरित्र-चित्रण और बेहद प्रभावशाली कथानक इसे हिंदी साहित्य की उन चुनिंदा कृतियों में शामिल करते हैं जिन्हें हर साहित्य-प्रेमी को कम-से-कम एक बार अवश्य पढ़ना चाहिए। अपनी लाइब्रेरी में हिंदी की एक कालजयी कृति जोड़ने के लिए ‘वैशाली की नगरवधू’ एक बेहतरीन चुनाव है।
Weight
450 g
Dimensions
22 × 17 × 3 cm
Format
पेपरबैक
Language
हिंदी
Number of Pages
470
Q & A
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VAISHALI KI NAGARVADHU | वैशाली की नगरवधू | (संपूर्ण संस्करण )
आचार्य चतुरसेन शास्त्री की कालजयी ऐतिहासिक कृति ‘वैशाली की नगरवधू’ प्राचीन वैशाली की प्रसिद्ध नगरवधू अम्बपाली के जीवन, संघर्ष और आध्यात्मिक परिवर्तन की प्रभावशाली कथा है। वैभव और विलास से बुद्ध की शरण तक की अम्बपाली की यात्रा के माध्यम से यह उपन्यास नारी की गरिमा, प्रेम, राजनीति, सामाजिक रूढ़ियों और धर्म के अनेक आयामों को उजागर करता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सशक्त चरित्र-चित्रण और बेहद प्रभावशाली कथानक इसे हिंदी साहित्य की उन चुनिंदा कृतियों में शामिल करते हैं जिन्हें हर साहित्य-प्रेमी को कम-से-कम एक बार अवश्य पढ़ना चाहिए। अपनी लाइब्रेरी में हिंदी की एक कालजयी कृति जोड़ने के लिए ‘वैशाली की नगरवधू’ एक बेहतरीन चुनाव है।
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