Description
लेखक ने पुस्तक में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के विचारों की शिक्षा के संदर्भ में विस्तृत मीमांसा प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। जितना विराट व्यक्तित्व कलाम का था उसे उतने ही सहज एंव सारगर्भित अंदाज में दर्शाया गया है। कलाम अपने आप मे एक ‘इंस्टिट्यूशन ऑफ थॉट्स’ थे। राष्ट्र निर्माण के संदर्भ में उनके विचार अनेक दृष्टिकोणों से व्याख्यायित हुए है। शिक्षा के माध्यम से एक सभ्य समाज और जिम्मेदार नागरिक का निर्माण उनका मुख्य उद्देश्य था। उनके जीवन दर्शन, संघर्ष गाथा, वैज्ञानिक उपलब्धियों से लेकर उनके राष्ट्रपति कार्यकाल की व्याख्या प्रस्तुत करती कई पुस्तकें उनके पाठको हेतु साहित्य संसार मे पहले से उपलब्ध है। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने पहली बार शिक्षा के विभिन्न आयामो पर कलाम के विचारो को श्रृंखलाबद्ध कर एक नवीन रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। पुस्तक में बताये गए राष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था को मार्गदर्शित करते उनके विचार न केवल राष्ट्र की युवाशक्ति के रूप में विद्यार्थियों वरन शिक्षकों, अभिभावकों, शिक्षक संस्थानों हेतु भी एक अमूल्य निधि सिद्ध होंगे।

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