एक रहस्यमयी सुराग… एक ऐसा दुश्मन जिसका कोई चेहरा नहीं… और मौत की ओर बढ़ता हुआ एक खतरनाक जाल।
मेजर बलवंत के सामने एक ऐसी गुत्थी है, जिसमें हर कदम के साथ रहस्य और गहरा होता जाता है। अपराधी अपने पीछे कोई स्पष्ट निशान नहीं छोड़ता, लेकिन हर घटना किसी बड़े षड्यंत्र की ओर संकेत करती है।
मौत से बचने की हर कोशिश नायक को उसी जाल में और उलझाती जाती है। जिस रहस्य को सुलझाने की कोशिश की जा रही है, उसकी नींव ही इतनी कमजोर दिखाई देती है जैसे रेत की दीवार—एक ऐसा सहारा, जो कभी भी ढह सकता है।
क्या मेजर बलवंत इस रहस्यमयी साजिश का पर्दाफाश कर पाएँगे? क्या सच सामने आने से पहले एक और मौत होगी?
रहस्य, रोमांच, षड्यंत्र और लगातार बदलते घटनाक्रम से भरपूर ‘रेत की दीवार’ जासूसी साहित्य के प्रेमियों के लिए एक रोमांचक पाठ है।
एक रहस्यमयी सुराग… एक ऐसा दुश्मन जिसका कोई चेहरा नहीं… और मौत की ओर बढ़ता हुआ एक खतरनाक जाल।
मेजर बलवंत के सामने एक ऐसी गुत्थी है, जिसमें हर कदम के साथ रहस्य और गहरा होता जाता है। अपराधी अपने पीछे कोई स्पष्ट निशान नहीं छोड़ता, लेकिन हर घटना किसी बड़े षड्यंत्र की ओर संकेत करती है।
मौत से बचने की हर कोशिश नायक को उसी जाल में और उलझाती जाती है। जिस रहस्य को सुलझाने की कोशिश की जा रही है, उसकी नींव ही इतनी कमजोर दिखाई देती है जैसे रेत की दीवार—एक ऐसा सहारा, जो कभी भी ढह सकता है।
क्या मेजर बलवंत इस रहस्यमयी साजिश का पर्दाफाश कर पाएँगे? क्या सच सामने आने से पहले एक और मौत होगी?
रहस्य, रोमांच, षड्यंत्र और लगातार बदलते घटनाक्रम से भरपूर ‘रेत की दीवार’ जासूसी साहित्य के प्रेमियों के लिए एक रोमांचक पाठ है।
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