आदित्य नाथ बंकाला रुतबे और रसूख वाला शख्स था, साहबेजायदाद था । उसकी सितारों की गर्दिश में आस्था की वजह से कुछ स्वार्थी तत्त्व उसे एक ऐसे शख्स के तौर पर प्रोजेक्ट कर रहे थे जिसका दिमागी तवाजन खराब था, जिस पर गम्भीर हत्यारी प्रवृत्ति हावी थी, जो कि पूरे चांद की रात को और प्रबल और बेकाबू हो उठती थी ।
आदित्य नाथ बंकाला रुतबे और रसूख वाला शख्स था, साहबेजायदाद था । उसकी सितारों की गर्दिश में आस्था की वजह से कुछ स्वार्थी तत्त्व उसे एक ऐसे शख्स के तौर पर प्रोजेक्ट कर रहे थे जिसका दिमागी तवाजन खराब था, जिस पर गम्भीर हत्यारी प्रवृत्ति हावी थी, जो कि पूरे चांद की रात को और प्रबल और बेकाबू हो उठती थी ।
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