
Phatikchand - -
Original price was: ₹199.00.₹179.00Current price is: ₹179.00. (-10%)

₹199.00 Original price was: ₹199.00.₹179.00Current price is: ₹179.00. (-10%)
Phatikchand
फटिकचन्द महान फिल्मकार और बांग्ला साहित्य के अप्रतिम लेखक सत्यजित राय का अत्यन्त लोकप्रिय उपन्यास है। बांग्ला भाषा-भाषी समाज का शायद ही कोई व्यक्ति होगा, जो अपने किशोरवय में इस उपन्यास से न गुजरा हो। कोलकाता के एक सम्पन्न परिवार के लड़के के अपहरण की कहानी उस वक्त नया मोड़ ले लेती है जब अपहर्ताओं की कार दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है और वे लड़के को सड़क किनारे बेहोश छोड़कर भाग जाते हैं। बाद में, होश में आने पर लड़के को कुछ याद नहीं आता—न घर का पता, न माता-पिता का नाम। दरअसल दुर्घटना में चोट लगने से उसकी याददाश्त चली जाती है। फिर तो अपने आसपास के हरेक शख्स से एकदम नए सिरे से परिचित होने वाले उस किशोर के सामने एक बिलकुल नई दुनिया खुलती है, जिसमें कोलकाता महानगर की झुग्गी बस्ती का अनदेखा संसार भी शामिल है। अन्तत: याददाश्त बहाल होने और सकुशल घर लौटने तक फटिकचन्द जो कुछ देखता-जानता है, वह उसको ही नहीं, इस उपन्यास के पाठक को भी हमेशा के याद रह जाता है।
| Weight | 150 g |
|---|---|
| Dimensions | 20 × 15 × 2 cm |
| Format | पेपरबैक |
| Language | हिंदी |
| संस्करण | 2023 |
| Number of Pages | 94 |
Phatikchand
Phatikchand
Sorry, no reviews match your current selections
फटिकचन्द महान फिल्मकार और बांग्ला साहित्य के अप्रतिम लेखक सत्यजित राय का अत्यन्त लोकप्रिय उपन्यास है। बांग्ला भाषा-भाषी समाज का शायद ही कोई व्यक्ति होगा, जो अपने किशोरवय में इस उपन्यास से न गुजरा हो। कोलकाता के एक सम्पन्न परिवार के लड़के के अपहरण की कहानी उस वक्त नया मोड़ ले लेती है जब अपहर्ताओं की कार दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है और वे लड़के को सड़क किनारे बेहोश छोड़कर भाग जाते हैं। बाद में, होश में आने पर लड़के को कुछ याद नहीं आता—न घर का पता, न माता-पिता का नाम। दरअसल दुर्घटना में चोट लगने से उसकी याददाश्त चली जाती है। फिर तो अपने आसपास के हरेक शख्स से एकदम नए सिरे से परिचित होने वाले उस किशोर के सामने एक बिलकुल नई दुनिया खुलती है, जिसमें कोलकाता महानगर की झुग्गी बस्ती का अनदेखा संसार भी शामिल है। अन्तत: याददाश्त बहाल होने और सकुशल घर लौटने तक फटिकचन्द जो कुछ देखता-जानता है, वह उसको ही नहीं, इस उपन्यास के पाठक को भी हमेशा के याद रह जाता है।
| Weight | 150 g |
|---|---|
| Dimensions | 20 × 15 × 2 cm |
| Format | पेपरबैक |
| Language | हिंदी |
| संस्करण | 2023 |
| Number of Pages | 94 |
Phatikchand
Designed and Managed by Sahaj Takneek
Reviews
There are no reviews yet