
Nepal Chapter । नेपाल चैप्टर - ख़ुफ़िया एजेंसियों और अंडरवर्ल्ड का द्वंद्व - -
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Nepal Chapter । नेपाल चैप्टर – ख़ुफ़िया एजेंसियों और अंडरवर्ल्ड का द्वंद्व
80 के दशक में भारत–नेपाल की खुली सीमा पर पाकिस्तान की नज़र पड़ी। नेपाल स्थित पाकिस्तानी नेटवर्क, अंडरवर्ल्ड और ख़ुफ़िया खेल के गठजोड़ ने इस पोरस बॉर्डर को एक ऐसे गलियारे में बदल दिया, जिसके रास्ते फ़ेक इंडियन करेंसी, ड्रग्स, हथियार और आतंकियों की घुसपैठ का संगठित तंत्र खड़ा किया गया। दूसरी ओर भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ इस नेटवर्क को तोड़ने में जुटी थीं। इसी दौर में नेपाल की सड़कों पर भारतीय अंडरवर्ल्ड का ख़ूनी संघर्ष शुरू हुआ। एक-एक करके वे चेहरे मारे जाने लगे, जिनपर ISI के लिए काम करने के आरोप थे। नेपाल अचानक अपराध, साज़िश और रहस्यमयी हत्याओं का केंद्र बन गया। आख़िर नेपाल में अंडरवर्ल्ड का साम्राज्य कैसे खड़ा हुआ? दाऊद इब्राहीम ने यहाँ अपना सिंडिकेट किस तरह फैलाया? भारतीय गैंगस्टरों की जंग ने नेपाल को अपना अखाड़ा क्यों बनाया? और इन घटनाओं की डोर आख़िर किसके हाथ में थी? ‘नेपाल चैप्टर’ सिर्फ़ गैंगस्टर्स की कहानी नहीं है, यह साउथ एशिया की उस हिडेन वार की दास्तान है, जहाँ अपराध, आतंकवाद, ख़ुफ़िया एजेंसियाँ और सत्ता के खेल एक-दूसरे में घुलमिल जाते हैं। सवाल आज भी वही है कि ये महज़ अंडरवर्ल्ड का गैंगवार था, या पर्दे के पीछे चल रही एजेंसियों की जंग? जवाब छिपा है इस रोमांचक और सनसनीख़ेज़ कहानी में। ज़्यादा पढ़ें
| Weight | 200 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 17 × 2 cm |
| Format | पेपरबैक |
| Language | हिंदी |
| Number of Pages | 168 |
Nepal Chapter । नेपाल चैप्टर – ख़ुफ़िया एजेंसियों और अंडरवर्ल्ड का द्वंद्व
Nepal Chapter । नेपाल चैप्टर – ख़ुफ़िया एजेंसियों और अंडरवर्ल्ड का द्वंद्व
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80 के दशक में भारत–नेपाल की खुली सीमा पर पाकिस्तान की नज़र पड़ी। नेपाल स्थित पाकिस्तानी नेटवर्क, अंडरवर्ल्ड और ख़ुफ़िया खेल के गठजोड़ ने इस पोरस बॉर्डर को एक ऐसे गलियारे में बदल दिया, जिसके रास्ते फ़ेक इंडियन करेंसी, ड्रग्स, हथियार और आतंकियों की घुसपैठ का संगठित तंत्र खड़ा किया गया। दूसरी ओर भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ इस नेटवर्क को तोड़ने में जुटी थीं। इसी दौर में नेपाल की सड़कों पर भारतीय अंडरवर्ल्ड का ख़ूनी संघर्ष शुरू हुआ। एक-एक करके वे चेहरे मारे जाने लगे, जिनपर ISI के लिए काम करने के आरोप थे। नेपाल अचानक अपराध, साज़िश और रहस्यमयी हत्याओं का केंद्र बन गया। आख़िर नेपाल में अंडरवर्ल्ड का साम्राज्य कैसे खड़ा हुआ? दाऊद इब्राहीम ने यहाँ अपना सिंडिकेट किस तरह फैलाया? भारतीय गैंगस्टरों की जंग ने नेपाल को अपना अखाड़ा क्यों बनाया? और इन घटनाओं की डोर आख़िर किसके हाथ में थी? ‘नेपाल चैप्टर’ सिर्फ़ गैंगस्टर्स की कहानी नहीं है, यह साउथ एशिया की उस हिडेन वार की दास्तान है, जहाँ अपराध, आतंकवाद, ख़ुफ़िया एजेंसियाँ और सत्ता के खेल एक-दूसरे में घुलमिल जाते हैं। सवाल आज भी वही है कि ये महज़ अंडरवर्ल्ड का गैंगवार था, या पर्दे के पीछे चल रही एजेंसियों की जंग? जवाब छिपा है इस रोमांचक और सनसनीख़ेज़ कहानी में। ज़्यादा पढ़ें
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|---|---|
| Dimensions | 22 × 17 × 2 cm |
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Nepal Chapter । नेपाल चैप्टर – ख़ुफ़िया एजेंसियों और अंडरवर्ल्ड का द्वंद्व
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