Narak Ka Kotwal
नरक का कोतवाल
एक साधारण-सा फाउंटेन पेन… लेकिन उसके भीतर छिपा है मौत का ऐसा रहस्य, जो देश की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। जब सैन्य अधिकारियों की रहस्यमयी हत्याएँ एक-एक कर होने लगती हैं, कोई सुराग नहीं मिलता और हर गवाह मौत के साये में जीने लगता है, तब यह मामला बन जाता है भारत की सबसे कठिन जासूसी चुनौती।
इस खतरनाक खेल में उतरता है भोलाशंकर—भारत का तेज़तर्रार जासूस। उसका सामना है अंडरवर्ल्ड के उस खूंखार अपराधी से, जिसे लोग “नरक का कोतवाल” कहते हैं।
चीनी षड्यंत्र, साइलेन्सर से लैस हत्यारे, रहस्यमयी हथियार और हर कदम पर बिछा मौत का जाल—यह उपन्यास रहस्य, रोमांच, एक्शन और जासूसी का ऐसा संगम है जो पाठकों को अंत तक बांधे रखता है।
क्या भोलाशंकर मौत के इस खेल का पर्दाफाश कर पाएगा, या स्वयं उसका अगला शिकार बन जाएगा?
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