Mrityujaal
मृत्युजाल
आसमान में उड़ते विमान एक-एक कर रहस्यमयी दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। हर हादसे के पीछे छिपा है एक ऐसा अदृश्य षड्यंत्र, जो केवल यात्रियों की नहीं, पूरे देश की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।
इस रहस्य की तह तक पहुँचने के लिए भारत की गुप्त जासूसी संस्था “स्वाप” का सबसे साहसी एजेंट उतरता है एक ऐसे मिशन पर, जहाँ हर सुराग मौत की ओर ले जाता है और हर कदम पर बिछा है विश्वासघात का जाल।
कौन रच रहा है यह अदृश्य मृत्युजाल? क्या यह महज़ दुर्घटनाओं की श्रृंखला है, या देश को अस्थिर करने की सुनियोजित साजिश?
रहस्य, रोमांच, जासूसी और थ्रिल से भरपूर यह उपन्यास पाठकों को आरंभ से अंत तक बांधे रखता है। जब दांव पर हो राष्ट्र की सुरक्षा, तब एक गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है।
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