मूनगेट पूनम अहमद की चार उपन्यासिकाओ का संकलन है।
यहाँ स्त्रियाँ नैतिकता की सफेद स्याह गलियों को छोड़ धूसर क्षेत्रों में विचरण करती दिखती हैं।
मोही, वो झूठी, मूनगेट और अमोदिनी में आप ऐसी स्त्रियों से वाकिफ होंगे जो अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए हर वह कदम उठाने के लिए तैयार हैं जिसकी जरूरत है। सही गलत की महीन रेखाओं पर वह अपनी डगर चलती हैं।
उनकी मंजिल क्या है और वह अपनी मंजिल पा पाती हैं या नहीं ये तो आप इन रचनाओं को पढ़कर ही जान पाएँगे
मूनगेट पूनम अहमद की चार उपन्यासिकाओ का संकलन है।
यहाँ स्त्रियाँ नैतिकता की सफेद स्याह गलियों को छोड़ धूसर क्षेत्रों में विचरण करती दिखती हैं।
मोही, वो झूठी, मूनगेट और अमोदिनी में आप ऐसी स्त्रियों से वाकिफ होंगे जो अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए हर वह कदम उठाने के लिए तैयार हैं जिसकी जरूरत है। सही गलत की महीन रेखाओं पर वह अपनी डगर चलती हैं।
उनकी मंजिल क्या है और वह अपनी मंजिल पा पाती हैं या नहीं ये तो आप इन रचनाओं को पढ़कर ही जान पाएँगे
Superb