बाढ़, गरीबी और सामाजिक उपेक्षा से जूझते एक छोटे से गाँव की पृष्ठभूमि में बुनी गई यह कहानी है मनु की—एक साधारण स्त्री, जिसकी असाधारण हिम्मत हालात से टकराना सीख जाती है। जीवन की कठोर परिस्थितियाँ, टूटते रिश्ते, व्यवस्था की विडंबनाएँ और भीतर पलती उम्मीद… सब मिलकर रचते हैं संघर्ष और साहस की मार्मिक दास्तान। गंडक की धारा की तरह कभी शांत, कभी उफनती यह कथा पाठक को उस दुनिया में ले जाती है जहाँ दर्द भी है, प्रेम भी है और जीते रहने की जिद भी। यह सिर्फ मनु की कहानी नहीं, बल्कि उन अनगिनत आवाज़ों की कहानी है जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार मानना नहीं जानतीं।
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