
Manhoos Heere - -
Original price was: ₹250.00.₹220.00Current price is: ₹220.00. (-12%)

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Manhoos Heere
मनहूस हीरे
एक करोड़ की रहस्यमयी चोरी…
एक गुप्त गैंगस्टर का खेल…
और मौत की परछाई, जो हर उस व्यक्ति का पीछा करती है जिसने उन अभिशप्त हीरों को छूने की कोशिश की।
एक बेशकीमती हीरों का संग्रह अचानक गायब हो जाता है। लेकिन यह कोई साधारण चोरी नहीं। जो भी उन हीरों तक पहुँचने की कोशिश करता है, वह रहस्यमय परिस्थितियों में मौत का शिकार बनने लगता है। धीरे-धीरे यह अफवाह फैल जाती है कि ये हीरे मनहूस हैं—और अपने साथ केवल विनाश लाते हैं।
क्या यह सचमुच किसी पुराने श्राप का असर है?
या फिर इस अंधविश्वास के पीछे छिपा है किसी अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोह का खतरनाक षड्यंत्र?
कौन है वह रहस्यमय व्यक्ति जो परदे के पीछे रहकर हर चाल चल रहा है और पुलिस को बार-बार चकमा दे रहा है?
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, सामने आते हैं लालच, विश्वासघात, तस्करी और हत्या के ऐसे जाल, जिनमें फँसकर कई जिंदगियाँ तबाह हो चुकी हैं। हर सुराग मेजर बलवंत को एक नई पहेली की ओर ले जाता है, और हर पहेली के पीछे छिपा होता है मौत का खतरा।
अब मेजर बलवंत के सामने चुनौती केवल चोर को पकड़ने की नहीं, बल्कि उस रहस्य से पर्दा उठाने की है जिसने इन हीरों को “मनहूस” बना दिया है। क्या वह समय रहते सच तक पहुँच पाएगा, या फिर अगला शिकार कोई और होगा?
रहस्य, रोमांच, अपराध, तेज़ रफ्तार घटनाओं और चौंका देने वाले खुलासों से भरपूर “मनहूस हीरे” मेजर बलवंत सीरीज का एक शानदार जासूसी उपन्यास है, जहाँ चमकते हीरों के पीछे छिपा है मौत, लालच और धोखे का अंधेरा संसार।
| Weight | 150 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 15 × 2 cm |
| Condition | |
| Language | हिंदी |
| Format | पेपरबैक |
| Number of Pages | 138 |
Manhoos Heere
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मनहूस हीरे
एक करोड़ की रहस्यमयी चोरी…
एक गुप्त गैंगस्टर का खेल…
और मौत की परछाई, जो हर उस व्यक्ति का पीछा करती है जिसने उन अभिशप्त हीरों को छूने की कोशिश की।
एक बेशकीमती हीरों का संग्रह अचानक गायब हो जाता है। लेकिन यह कोई साधारण चोरी नहीं। जो भी उन हीरों तक पहुँचने की कोशिश करता है, वह रहस्यमय परिस्थितियों में मौत का शिकार बनने लगता है। धीरे-धीरे यह अफवाह फैल जाती है कि ये हीरे मनहूस हैं—और अपने साथ केवल विनाश लाते हैं।
क्या यह सचमुच किसी पुराने श्राप का असर है?
या फिर इस अंधविश्वास के पीछे छिपा है किसी अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोह का खतरनाक षड्यंत्र?
कौन है वह रहस्यमय व्यक्ति जो परदे के पीछे रहकर हर चाल चल रहा है और पुलिस को बार-बार चकमा दे रहा है?
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, सामने आते हैं लालच, विश्वासघात, तस्करी और हत्या के ऐसे जाल, जिनमें फँसकर कई जिंदगियाँ तबाह हो चुकी हैं। हर सुराग मेजर बलवंत को एक नई पहेली की ओर ले जाता है, और हर पहेली के पीछे छिपा होता है मौत का खतरा।
अब मेजर बलवंत के सामने चुनौती केवल चोर को पकड़ने की नहीं, बल्कि उस रहस्य से पर्दा उठाने की है जिसने इन हीरों को “मनहूस” बना दिया है। क्या वह समय रहते सच तक पहुँच पाएगा, या फिर अगला शिकार कोई और होगा?
रहस्य, रोमांच, अपराध, तेज़ रफ्तार घटनाओं और चौंका देने वाले खुलासों से भरपूर “मनहूस हीरे” मेजर बलवंत सीरीज का एक शानदार जासूसी उपन्यास है, जहाँ चमकते हीरों के पीछे छिपा है मौत, लालच और धोखे का अंधेरा संसार।
| Weight | 150 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 15 × 2 cm |
| Condition | |
| Language | हिंदी |
| Format | पेपरबैक |
| Number of Pages | 138 |
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