
Khota Sikka - Jeet Singh - -
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Khota Sikka – Jeet Singh
Khota Sikka | खोटा सिक्का
“क्या हुआ नीचे?” – पुरसूमल ने पूछा।
“एक आदमी लिफ्ट में जल गया” – जवाब मिला।
“लिफ्ट में जल गया!” – पुरसूमल हैरानी से बोला – “कैसे जल गया? कोई बिजली का शॉर्ट सर्कट…”
“नो सर, करेंसी नोट जलता था।”
“क्या!”
“ये ..तना बड़ा पहाड़ करेंसी नोट का लिफ्ट के भीतर। मिलियन्स ऑफ रूपीज। ऑल बर्निंग। एंड ए यंग मैन बर्निंग विद देम।”
जलते नोटों में एक नौजवान जल रहा था – पुरसूमल का दिल हाहाकार कर उठा।
जीता!
यहाँ कोई सुष्मिता नहीं रहती। ये मिसेज चंगुलानी का घर है। आइन्दा भी याद रखना।
बगूले की तरह वो लिफ्ट में दाखिल हुआ और उसने डाउन बटन दबाया।
सुष्मिता से रुसवा, अपने आप से शर्मिंदा जीतसिंह का लिफ्ट में क्या अंजाम हुआ?
| Weight | 250 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 17 × 3 cm |
| Condition | |
| Format | पेपरबैक |
| Language | हिंदी |
Khota Sikka – Jeet Singh
Khota Sikka – Jeet Singh
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Khota Sikka | खोटा सिक्का
“क्या हुआ नीचे?” – पुरसूमल ने पूछा।
“एक आदमी लिफ्ट में जल गया” – जवाब मिला।
“लिफ्ट में जल गया!” – पुरसूमल हैरानी से बोला – “कैसे जल गया? कोई बिजली का शॉर्ट सर्कट…”
“नो सर, करेंसी नोट जलता था।”
“क्या!”
“ये ..तना बड़ा पहाड़ करेंसी नोट का लिफ्ट के भीतर। मिलियन्स ऑफ रूपीज। ऑल बर्निंग। एंड ए यंग मैन बर्निंग विद देम।”
जलते नोटों में एक नौजवान जल रहा था – पुरसूमल का दिल हाहाकार कर उठा।
जीता!
यहाँ कोई सुष्मिता नहीं रहती। ये मिसेज चंगुलानी का घर है। आइन्दा भी याद रखना।
बगूले की तरह वो लिफ्ट में दाखिल हुआ और उसने डाउन बटन दबाया।
सुष्मिता से रुसवा, अपने आप से शर्मिंदा जीतसिंह का लिफ्ट में क्या अंजाम हुआ?
| Weight | 250 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 17 × 3 cm |
| Condition | |
| Format | पेपरबैक |
| Language | हिंदी |
Khota Sikka – Jeet Singh
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Satisfied
Printing of novel so dim so difficult to reading
Excellent experience
Not on time. Lazy delivery, no as promised while pre book.
Very nice