
Khooni Khanzar - -
Original price was: ₹350.00.₹320.00Current price is: ₹320.00. (-9%)

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Khooni Khanzar
खूनी खंजर
एक साधारण-सा शिकार…
जो अचानक मौत और रहस्य के खतरनाक खेल में बदल जाता है।
घने सन्नाटे को चीरती एक औरत की चीख, जंगल में छिपी एक रहस्यमयी गुमशुदगी और खून से लिखा गया एक संदेश—ये सब किसी ऐसे रहस्य की ओर इशारा करते हैं, जिसका हर सिरा मौत पर जाकर खत्म होता है।
घटनास्थल पर बार-बार मिलते हैं लंबे काले बालों के गुच्छे और एक खूनी खंजर का निशान। ऐसा लगता है मानो कोई अदृश्य दुश्मन हर कदम पर मौजूद है—नज़र नहीं आता, लेकिन हर वार उसी का होता है। जो भी सच के करीब पहुँचने की कोशिश करता है, वह या तो गायब हो जाता है या हमेशा के लिए खामोश कर दिया जाता है।
क्या यह केवल एक हत्या का मामला है?
या फिर किसी बड़े षड्यंत्र का पहला अध्याय?
खून से लिखे संदेश किसे चेतावनी दे रहे हैं?
और वह कौन है, जो परछाइयों में छिपकर अपने दुश्मनों का शिकार कर रहा है?
जब पुलिस के सारे सुराग उलझ जाते हैं और हर गवाह डर के साये में जीने लगता है, तब मैदान में उतरते हैं मेजर बलवंत। लेकिन इस बार उनका सामना ऐसे अपराधी से है, जो न केवल चालाक है बल्कि अपने पीछे ऐसा भ्रम छोड़ता है कि सच और झूठ में फर्क करना लगभग असंभव हो जाता है।
रहस्य, रोमांच, खतरनाक पीछा, चौंकाने वाले मोड़ और सांसें थाम देने वाले सस्पेंस से भरपूर “खूनी खंजर” मेजर बलवंत सीरीज का एक दमदार जासूसी उपन्यास है, जहाँ हर सुराग मौत की ओर ले जाता है और हर सच जानलेवा साबित हो सकता है। अंतिम पृष्ठ तक पाठक यह सोचने पर मजबूर रहता है कि आखिर वह अदृश्य दुश्मन कौन है, जो हर जगह मौजूद होकर भी कहीं दिखाई नहीं देता।
| Weight | 200 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 16 × 2 cm |
| Condition | |
| Language | हिंदी |
| Format | पेपरबैक |
| Number of Pages | 185 |
Khooni Khanzar
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खूनी खंजर
एक साधारण-सा शिकार…
जो अचानक मौत और रहस्य के खतरनाक खेल में बदल जाता है।
घने सन्नाटे को चीरती एक औरत की चीख, जंगल में छिपी एक रहस्यमयी गुमशुदगी और खून से लिखा गया एक संदेश—ये सब किसी ऐसे रहस्य की ओर इशारा करते हैं, जिसका हर सिरा मौत पर जाकर खत्म होता है।
घटनास्थल पर बार-बार मिलते हैं लंबे काले बालों के गुच्छे और एक खूनी खंजर का निशान। ऐसा लगता है मानो कोई अदृश्य दुश्मन हर कदम पर मौजूद है—नज़र नहीं आता, लेकिन हर वार उसी का होता है। जो भी सच के करीब पहुँचने की कोशिश करता है, वह या तो गायब हो जाता है या हमेशा के लिए खामोश कर दिया जाता है।
क्या यह केवल एक हत्या का मामला है?
या फिर किसी बड़े षड्यंत्र का पहला अध्याय?
खून से लिखे संदेश किसे चेतावनी दे रहे हैं?
और वह कौन है, जो परछाइयों में छिपकर अपने दुश्मनों का शिकार कर रहा है?
जब पुलिस के सारे सुराग उलझ जाते हैं और हर गवाह डर के साये में जीने लगता है, तब मैदान में उतरते हैं मेजर बलवंत। लेकिन इस बार उनका सामना ऐसे अपराधी से है, जो न केवल चालाक है बल्कि अपने पीछे ऐसा भ्रम छोड़ता है कि सच और झूठ में फर्क करना लगभग असंभव हो जाता है।
रहस्य, रोमांच, खतरनाक पीछा, चौंकाने वाले मोड़ और सांसें थाम देने वाले सस्पेंस से भरपूर “खूनी खंजर” मेजर बलवंत सीरीज का एक दमदार जासूसी उपन्यास है, जहाँ हर सुराग मौत की ओर ले जाता है और हर सच जानलेवा साबित हो सकता है। अंतिम पृष्ठ तक पाठक यह सोचने पर मजबूर रहता है कि आखिर वह अदृश्य दुश्मन कौन है, जो हर जगह मौजूद होकर भी कहीं दिखाई नहीं देता।
| Weight | 200 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 16 × 2 cm |
| Condition | |
| Language | हिंदी |
| Format | पेपरबैक |
| Number of Pages | 185 |
Khooni Khanzar
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