
Khoon Ki Bauchhar - -
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Khoon Ki Bauchhar
खून की बौछार
एक तूफानी रात…
मूसलाधार बारिश…
और शहर के अलग-अलग कोनों में होने लगती हैं ऐसी रहस्यमयी हत्याएँ, जिनका कोई सिरा पुलिस के हाथ नहीं लगता। हर अपराध के बाद बचता है केवल खून, खामोशी और अनगिनत सवाल।
एक आदमी मौत से बचने के लिए भाग रहा है, लेकिन उसे नहीं मालूम कि मौत उससे कहीं ज्यादा तेज़ है। एक बंगले में मिलती है भीगी हुई लाश, दूसरे में खून से सना शव, और हर नई वारदात के साथ रहस्य और गहराता चला जाता है। ऐसा लगता है मानो कोई अदृश्य हाथ पूरे शहर को अपने खूनी खेल का मैदान बना चुका हो।
पुलिस की जांच बार-बार बंद गलियों में पहुंच जाती है। गवाह गायब हो जाते हैं, सबूत मिट जाते हैं और कातिल हर बार कानून से एक कदम आगे निकल जाता है। तभी इस खतरनाक पहेली को सुलझाने के लिए मैदान में उतरते हैं मेजर बलवंत और उनके जांबाज साथी।
लेकिन असली सवाल अब भी बाकी है—
कौन है वह रहस्यमय हत्यारा जो हर वारदात के बाद अपने निशान मिटा देता है?
क्या लापता आशा भटनागर इस रहस्य की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है?
या फिर वह स्वयं उस खूनी खेल का अगला शिकार बन चुकी है?
रहस्य, रोमांच, तेज़ रफ्तार घटनाओं और सांसें थाम देने वाले सस्पेंस से भरपूर “खून की बौछार” मेजर बलवंत सीरीज का एक ऐसा धमाकेदार उपन्यास है, जो पाठकों को पहले पन्ने से आखिरी खुलासे तक अपनी गिरफ्त में बांधे रखता है।
| Weight | 200 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 15 × 2 cm |
| Condition | |
| Language | हिंदी |
| Format | पेपरबैक |
| Number of Pages | 154 |
Khoon Ki Bauchhar
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खून की बौछार
एक तूफानी रात…
मूसलाधार बारिश…
और शहर के अलग-अलग कोनों में होने लगती हैं ऐसी रहस्यमयी हत्याएँ, जिनका कोई सिरा पुलिस के हाथ नहीं लगता। हर अपराध के बाद बचता है केवल खून, खामोशी और अनगिनत सवाल।
एक आदमी मौत से बचने के लिए भाग रहा है, लेकिन उसे नहीं मालूम कि मौत उससे कहीं ज्यादा तेज़ है। एक बंगले में मिलती है भीगी हुई लाश, दूसरे में खून से सना शव, और हर नई वारदात के साथ रहस्य और गहराता चला जाता है। ऐसा लगता है मानो कोई अदृश्य हाथ पूरे शहर को अपने खूनी खेल का मैदान बना चुका हो।
पुलिस की जांच बार-बार बंद गलियों में पहुंच जाती है। गवाह गायब हो जाते हैं, सबूत मिट जाते हैं और कातिल हर बार कानून से एक कदम आगे निकल जाता है। तभी इस खतरनाक पहेली को सुलझाने के लिए मैदान में उतरते हैं मेजर बलवंत और उनके जांबाज साथी।
लेकिन असली सवाल अब भी बाकी है—
कौन है वह रहस्यमय हत्यारा जो हर वारदात के बाद अपने निशान मिटा देता है?
क्या लापता आशा भटनागर इस रहस्य की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है?
या फिर वह स्वयं उस खूनी खेल का अगला शिकार बन चुकी है?
रहस्य, रोमांच, तेज़ रफ्तार घटनाओं और सांसें थाम देने वाले सस्पेंस से भरपूर “खून की बौछार” मेजर बलवंत सीरीज का एक ऐसा धमाकेदार उपन्यास है, जो पाठकों को पहले पन्ने से आखिरी खुलासे तक अपनी गिरफ्त में बांधे रखता है।
| Weight | 200 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 15 × 2 cm |
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| Language | हिंदी |
| Format | पेपरबैक |
| Number of Pages | 154 |
Khoon Ki Bauchhar
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