रेलवे होटल के एक कमरे में हुई हत्या… लेकिन हत्यारा कोई निशान छोड़े बिना गायब हो चुका है।
मेजर बलवंत के सामने है एक खाली सूटकेस, घड़ी की टूटी हुई चेन, सूटकेस का गायब ट्रैप और 99 पेवों वाली रहस्यमयी गुत्थी। हर सुराग किसी नई पहेली की ओर इशारा करता है और हर संदिग्ध के पीछे छिपा है एक ऐसा रहस्य, जो मामले को और उलझा देता है।
जैसे-जैसे मेजर बलवंत इस रहस्य की परतें खोलते हैं, उन्हें महसूस होता है कि कोई अदृश्य खिलाड़ी लगातार उनसे एक कदम आगे चल रहा है।
क्या हत्या के पीछे छिपे रहस्य तक मेजर बलवंत पहुँच पाएँगे? या यह मामला हमेशा के लिए उस खाली सूटकेस में दफन हो जाएगा?
रहस्य, रोमांच और अप्रत्याशित खुलासों से भरपूर यह कहानी आपको अंतिम पृष्ठ तक बाँधे रखेगी।
रेलवे होटल के एक कमरे में हुई हत्या… लेकिन हत्यारा कोई निशान छोड़े बिना गायब हो चुका है।
मेजर बलवंत के सामने है एक खाली सूटकेस, घड़ी की टूटी हुई चेन, सूटकेस का गायब ट्रैप और 99 पेवों वाली रहस्यमयी गुत्थी। हर सुराग किसी नई पहेली की ओर इशारा करता है और हर संदिग्ध के पीछे छिपा है एक ऐसा रहस्य, जो मामले को और उलझा देता है।
जैसे-जैसे मेजर बलवंत इस रहस्य की परतें खोलते हैं, उन्हें महसूस होता है कि कोई अदृश्य खिलाड़ी लगातार उनसे एक कदम आगे चल रहा है।
क्या हत्या के पीछे छिपे रहस्य तक मेजर बलवंत पहुँच पाएँगे? या यह मामला हमेशा के लिए उस खाली सूटकेस में दफन हो जाएगा?
रहस्य, रोमांच और अप्रत्याशित खुलासों से भरपूर यह कहानी आपको अंतिम पृष्ठ तक बाँधे रखेगी।
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