Description
Jurrat | जुर्रत
“तेरे को एक भीड़ू को टपकाने का है।”
“बाप, मर्डर मतलब फाँसी।” – जीतसिंह बोला।
“पकड़ा जाएगा तो न! सब इतना सेफ है कि तेरे पकड़े जाने का कोई चांस नहीं। एक गोली सही ठिकाने पर और तू फ्री।”
“डेंजर काम है, बाप।”
“खामखाह! इंस्पेक्टर गोविलकर है न!”
“वो अपने थाने का शेर है, अक्खी मुंबई का मालिक नहीं है।”
“तू पहले भी कई कत्ल कर चुका है, एक और में क्या वान्दा है?”
“मैं कोई कत्ल नहीं किया। मर्डर नक्को, बाप।”
क्या जीते को मजबूरन कत्ल करना पड़ा?

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