Jane Bond
राष्ट्र संकट में हो… तो एक जासूस ही काफी होता है।
भारत की सबसे गोपनीय फाइल दुश्मनों के हाथ लग जाती है। एक साहसी सैन्य अधिकारी की रहस्यमय आत्महत्या देश की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर देती है। अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र, खूबसूरत जाल, हिप्नोटिज्म और मौत से भी तेज़ रफ्तार पीछा—सब मिलकर रचते हैं एक ऐसे रहस्य का जाल, जिसमें दांव पर लगा है पूरे देश का भविष्य।
ऐसे समय में मैदान में उतरता है भोलाशंकर—वह जासूस जिसे उसके दुश्मन देख नहीं पाते, लेकिन जिसका नाम सुनकर कांप उठते हैं।
रोमांच, जासूसी और राष्ट्रभक्ति से भरपूर यह उपन्यास पाठकों को अंतिम पृष्ठ तक बांधे रखेगा। क्या भोलाशंकर भारत का सबसे बड़ा रहस्य बचा पाएगा? या इतिहास हमेशा के लिए बदल जाएगा?
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