आज के OTT के जमाने में भी ये उपन्यास एक बेहतरीन मनोरंजन का साधन बना हुआ है। पहले तो था ही। शब्दो से जिस्म में जो सिहरन पैदा हो सकती है वो इसे पढ़ कर आप जान सकते है। मोबाइल उठाना भूल जाएंगे एक बार इसे पढ़ना शुरू किया तो।
(1)(0)
Sam
Reviewer
Maine haal men hi Surender Pathak kee kitaben padhni shuru kee hain. Jadoogarni ko padhne ke liye bhi mangwaya. Ek behtareen rachna lagi Lekhak kee. Reporter sunil kumar kee shaandar chhaanbeen aur anupama ke bichhaaye jaal ne is upanyaas ko yaadgaar bana diya hai. Must read for everyone’s.
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Jadugarni
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Jadugarni -अनुपमा अपने नाम को सार्थक करती थी। उसकी कोई उपमा नहीं थी। उसके बारे में सिर्फ ये कह देना काफी नहीं था कि वो इंतहाई खूबसूरत थी। वो मोनालिसा थी, क्लोपेट्रा थी, वीनस थी। वो जादूगरनी थी। वो किसी को तोता बनाकर पिंजरे में बंद कर सकती थी। मक्खी बना कर दीवार से चिपका सकती थी। अनुपम सौन्दर्य की मालकिन अनुपमा। जब इस अनुपम सौन्दर्य की जुगलबंदी उसके खतरनाक दिमाग से हुई तो जैसे कहर बरपा हो गया। क्या कोई उसके जादू से बच पाया? ‘सुनील सीरीज’ का यादगार उपन्यास! सुरेन्द्र मोहन पाठक की करिश्माई लेखनी पूरे जलाल पर। साहित्य विमर्श प्रकाशन की गौरवशाली प्रस्तुति।
सुरेन्द्र मोहन पाठक के विमल सिरीज़ का (1) सदा नगारा कूच का और (2) जो लरे दीन के हेत उपन्यासों को ओनलाईनखरीदना है. कैश ओन डेलीवरी सुविधा के साथ. धन्यवाद. ज्ञानेन्द्र प्रकाश.Gyanendra Prakash asked on September 1, 2023
क्षमा करें, ये किताबें हमारे पास उपलब्ध नहीं हैं।
Happy Reading answered on September 6, 2023store manager
आज के OTT के जमाने में भी ये उपन्यास एक बेहतरीन मनोरंजन का साधन बना हुआ है। पहले तो था ही। शब्दो से जिस्म में जो सिहरन पैदा हो सकती है वो इसे पढ़ कर आप जान सकते है। मोबाइल उठाना भूल जाएंगे एक बार इसे पढ़ना शुरू किया तो।
Maine haal men hi Surender Pathak kee kitaben padhni shuru kee hain. Jadoogarni ko padhne ke liye bhi mangwaya. Ek behtareen rachna lagi Lekhak kee. Reporter sunil kumar kee shaandar chhaanbeen aur anupama ke bichhaaye jaal ne is upanyaas ko yaadgaar bana diya hai. Must read for everyone’s.
Jadugarni -अनुपमा अपने नाम को सार्थक करती थी। उसकी कोई उपमा नहीं थी। उसके बारे में सिर्फ ये कह देना काफी नहीं था कि वो इंतहाई खूबसूरत थी। वो मोनालिसा थी, क्लोपेट्रा थी, वीनस थी। वो जादूगरनी थी। वो किसी को तोता बनाकर पिंजरे में बंद कर सकती थी। मक्खी बना कर दीवार से चिपका सकती थी। अनुपम सौन्दर्य की मालकिन अनुपमा। जब इस अनुपम सौन्दर्य की जुगलबंदी उसके खतरनाक दिमाग से हुई तो जैसे कहर बरपा हो गया। क्या कोई उसके जादू से बच पाया? ‘सुनील सीरीज’ का यादगार उपन्यास! सुरेन्द्र मोहन पाठक की करिश्माई लेखनी पूरे जलाल पर। साहित्य विमर्श प्रकाशन की गौरवशाली प्रस्तुति।
सुरेन्द्र मोहन पाठक के विमल सिरीज़ का (1) सदा नगारा कूच का और (2) जो लरे दीन के हेत उपन्यासों को ओनलाईनखरीदना है. कैश ओन डेलीवरी सुविधा के साथ. धन्यवाद. ज्ञानेन्द्र प्रकाश.Gyanendra Prakash asked on September 1, 2023
क्षमा करें, ये किताबें हमारे पास उपलब्ध नहीं हैं।
Happy Reading answered on September 6, 2023store manager
आज के OTT के जमाने में भी ये उपन्यास एक बेहतरीन मनोरंजन का साधन बना हुआ है। पहले तो था ही। शब्दो से जिस्म में जो सिहरन पैदा हो सकती है वो इसे पढ़ कर आप जान सकते है। मोबाइल उठाना भूल जाएंगे एक बार इसे पढ़ना शुरू किया तो।
Maine haal men hi Surender Pathak kee kitaben padhni shuru kee hain. Jadoogarni ko padhne ke liye bhi mangwaya. Ek behtareen rachna lagi Lekhak kee. Reporter sunil kumar kee shaandar chhaanbeen aur anupama ke bichhaaye jaal ne is upanyaas ko yaadgaar bana diya hai. Must read for everyone’s.