Description
Indrapriya
| श्रेणी/Category | ऐतिहासिक उपन्यास, कल्पित कथा, किंवदंती | Historical Fiction, Myth, Legends, Saga |
| भाषा/Language | हिन्दी | Hindi |
| फॉर्मेट/Format | पेपरबैक | Paperback |
| संस्करण/Edition | प्रथम | First |
| पृष्ठ संख्या/No. of Pages | 128 | 128 |
| आईएसबीएन/ISBN | 9788195217106 | 9788195217106 |
| भार/Weight | 120 ग्राम | 120 Gm |
| माप/Dimensions | 20.5 x 12.8 x 0.9 से.मी. | 20.5 x 12.8 x 0.9 |
| एम आर पी/MRP | 149/- रूपये | Rs. 149/- |
| प्रकाशन तिथि/Publication Date | 10/04/2021 | 10/04/2021 |

राय प्रवीना पर पर बहुत कम सामग्री उपलब्ध है, ऐसे में लेखक और प्रकाशक दोनों का एक सराहनीय कदम….
यह पुस्तक शुरू से लेके अंत तक ज़रा भी बोरियत महसूस नहीं होने देती। अत्यधिक लोभनीय पुस्तक।
बहुत दिनो बाद कोई ऐसी किताब पढ़ी जिसने मुगल काल के समय से परिचित करवाया।
निः संदेह राय प्रवीन की बहुमुखी प्रतिभा को पाठको तक पहुंचने में लेखक सुधीर मौर्य की मेहनत प्रशंसा योग्य है।
बुंदेलखंड के गौरव को बढ़ाने वाली राय प्रवीन के साथ साथ राजा इंद्रजीत, वीर सिंह, कवि केशव और अब्दुल रहीम खानखाना के वीरोचित गुणों को सामने लाने का महती कार्य यह किताब करती है।
इस तरह की भाषा, इतिहास का ज्ञान और हिम्मत हौसले की दास्तान छपती रहनी चाहिए। बहुत बढ़िया।