
Gaon Ki Mitti Mitne Nahin Deti - Santa Misra-
Original price was: ₹249.00.₹224.00Current price is: ₹224.00. (-10%)

₹249.00 Original price was: ₹249.00.₹224.00Current price is: ₹224.00. (-10%)
There are no reviews yet
Gaon Ki Mitti Mitne Nahin Deti
गाँव की पगडंडियों से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुँचने की यह यात्रा केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि जड़ों से जुड़े रहने की गहरी चेतना है। गाँव की मिट्टी मिटने नहीं देती एक संवेदनशील संस्मरण है, जिसमें लेखक सांता नंद मिश्रा अपने बचपन, संघर्ष, शिक्षा, विदेश प्रवास और जीवन मूल्यों को आत्मीयता के साथ साझा करते हैं। यह पुस्तक बताती है कि आधुनिकता की तेज़ रफ्तार के बीच भी अपनी मिट्टी की खुशबू इंसान को बार-बार पुकारती है। परिवार के संस्कार, गुरुजन का मार्गदर्शन और गाँव की सामूहिकता किस तरह एक साधारण बालक को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की शक्ति देती है—यह कथा उसी का जीवंत प्रमाण है। प्रेरणा, स्मृति और आत्मचिंतन से भरी यह कृति पाठकों को अपनी जड़ों, मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ने का संदेश देती है। यह उन सभी के लिए है जो जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं, पर अपनी पहचान को खोना नहीं चाहते।
| Weight | 200 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 17 × 2 cm |
| Format | पेपरबैक |
| Language | हिंदी |
| Number of Pages | 151 |
Gaon Ki Mitti Mitne Nahin Deti
Gaon Ki Mitti Mitne Nahin Deti
| 5 star | 67 | 67% |
| 4 star | 33 | 33% |
| 3 star | 0% | |
| 2 star | 0% | |
| 1 star | 0% |
Sorry, no reviews match your current selections
गाँव की पगडंडियों से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुँचने की यह यात्रा केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि जड़ों से जुड़े रहने की गहरी चेतना है। गाँव की मिट्टी मिटने नहीं देती एक संवेदनशील संस्मरण है, जिसमें लेखक सांता नंद मिश्रा अपने बचपन, संघर्ष, शिक्षा, विदेश प्रवास और जीवन मूल्यों को आत्मीयता के साथ साझा करते हैं। यह पुस्तक बताती है कि आधुनिकता की तेज़ रफ्तार के बीच भी अपनी मिट्टी की खुशबू इंसान को बार-बार पुकारती है। परिवार के संस्कार, गुरुजन का मार्गदर्शन और गाँव की सामूहिकता किस तरह एक साधारण बालक को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की शक्ति देती है—यह कथा उसी का जीवंत प्रमाण है। प्रेरणा, स्मृति और आत्मचिंतन से भरी यह कृति पाठकों को अपनी जड़ों, मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ने का संदेश देती है। यह उन सभी के लिए है जो जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं, पर अपनी पहचान को खोना नहीं चाहते।
| Weight | 200 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 17 × 2 cm |
| Format | पेपरबैक |
| Language | हिंदी |
| Number of Pages | 151 |
Gaon Ki Mitti Mitne Nahin Deti
It was great experience buying the book from this site and the customer service is also great. What impressed me the most was that you personal interest to ensure that my product was delivered to me. when it became apparent that my product won’t be delivered on time due to the laziness of the delivery service then you ensured delivery of another copy to me within two days. I would definitely recommend it to others. Thank-you.
सत्या व्यास जी वैसे तो प्रेम, सामाजिक लेखन करते हैं पर पहली बार थ्रिलर उपन्यास लिखा और क्या खूब लिखा। एक लाइन में कहूं तो कमाल लिखा है। मुझ जैसे नए थ्रिलर लेखक को भी बहुत कुछ सीखने को मिला। सर को अनुराग कुमार जीनियस की ओर से बहुत बहुत शुभकामनाएं।
Customer service and delivery both are good
बढ़िया है वैसे, बस अगर किसी का नम्बर ना लगे तो whatsapp पर भी काल कर लें एक बार …
As it was my first order from the site so obviously I was expecting a early or on time delivery but the product delivered late, yes but it’s a good thing that I got notified via mail. Will shop more . Thanks