
Filon Ke Neeche Daba Satya - -
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Filon Ke Neeche Daba Satya
फाइलें जो दिखती तो काग़ज़ की हैं, पर असल में वे जीवन, संघर्ष और सच्चाइयों की कब्रगाह भी हो सकती हैं।
‘फाइलों के नीचे दबा सत्य’ उस दुनिया का पर्दाफाश करती है जहाँ न्याय का रास्ता काग़ज़ों के वजन से मापा जाता है, और एक साधारण मनुष्य की आवाज़ ‘अभी विचाराधीन’, ‘अगली कार्यवाही अपेक्षित’, जैसे शब्दों में गुम हो जाती है। यह पुस्तक सिर्फ़ प्रशासनिक ढाँचे की कहानी नहीं है, बल्कि यह मनुष्यों की चुप्पियों, डर, प्रतिशोध, टूटे हुए विश्वासों और कभी न हार मानने वाले संघर्ष की दास्तान है। लेखक ने उन सच्चाइयों को सामने रखा है जिन्हें अक्सर दफ़्तर की अलमारियों और फाइलों की धूल के नीचे जानबूझकर छिपा दिया जाता है। यह किताब पढ़ते हुए पाठक महसूस करता है कि कभी-कभी सबसे बड़ा अपराध सत्य को न बताना नहीं, बल्कि उसे दबा देना होता है।
| Weight | 200 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 17 × 2 cm |
| Number of Pages | 150 |
Filon Ke Neeche Daba Satya
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फाइलें जो दिखती तो काग़ज़ की हैं, पर असल में वे जीवन, संघर्ष और सच्चाइयों की कब्रगाह भी हो सकती हैं।
‘फाइलों के नीचे दबा सत्य’ उस दुनिया का पर्दाफाश करती है जहाँ न्याय का रास्ता काग़ज़ों के वजन से मापा जाता है, और एक साधारण मनुष्य की आवाज़ ‘अभी विचाराधीन’, ‘अगली कार्यवाही अपेक्षित’, जैसे शब्दों में गुम हो जाती है। यह पुस्तक सिर्फ़ प्रशासनिक ढाँचे की कहानी नहीं है, बल्कि यह मनुष्यों की चुप्पियों, डर, प्रतिशोध, टूटे हुए विश्वासों और कभी न हार मानने वाले संघर्ष की दास्तान है। लेखक ने उन सच्चाइयों को सामने रखा है जिन्हें अक्सर दफ़्तर की अलमारियों और फाइलों की धूल के नीचे जानबूझकर छिपा दिया जाता है। यह किताब पढ़ते हुए पाठक महसूस करता है कि कभी-कभी सबसे बड़ा अपराध सत्य को न बताना नहीं, बल्कि उसे दबा देना होता है।
| Weight | 200 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 17 × 2 cm |
| Number of Pages | 150 |
Filon Ke Neeche Daba Satya
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