Description
December Sanjog – प्रस्तुत संग्रह में प्यार के ताने-बानों के साथ जीवन की कड़वी मीठी सच्चाइयाँ भी अनायास ही बुनी गई हैं। जीवन के मिले-जुले अनुभवों को, शब्दों के जाल में समेट लेना, संजो लेना, मन को कहीं न कहीं तसल्ली देता है।
“आखर ढाई” एक ऐसी युवती की कहानी है जो सच्चे प्रेम की तलाश में आजीवन भटकती रहती है। अंततः उसे उसका सच्चा प्यार मिलता है लेकिन क्या सच में ये उसका अंतिम प्यार है?
ऐसे ही December Sanjog की एक कहानी – “उस रात की बात” का कथानक सिहरन पैदा करने वाला है, तब भी रत्ती बुआ की कहानी एक सत्य घटना से प्रेरित है। “पंखुरी-पंखुरी हरसिंगार” की कमसिन-कोमलांगी नायिका समय और परिस्थितियों के साथ एक सशक्त स्त्री बनती है और अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम रहती

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