कोबरा
एक तूफ़ानी रात में एक रहस्यमयी युवती से हुई मुलाकात कर्नल सचिन सान्याल को ऐसे खतरनाक षड्यंत्र में धकेल देती है, जहाँ हर कदम पर मौत घात लगाए बैठी है। एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक की रहस्यमय हत्या, करोड़ों की गुप्त ज़मीन का खेल और हर अपराध स्थल पर छोड़ा गया एक भयावह संकेत—“कोबरा”। आखिर कौन है यह खूबसूरत लेकिन जानलेवा लड़की, और क्या संबंध है उसका उस रहस्यमय संगठन से, जिसका नाम सुनकर बड़े-बड़े लोग काँप उठते हैं? रहस्य, रोमांच और सस्पेंस से भरपूर यह उपन्यास पाठक को अंतिम पृष्ठ तक बाँधे रखता है।
शिकारी कुत्ता
एक के बाद एक मिलने वाली रहस्यमय धमकियाँ, अजीब संकेत और वर्षों पुराने रहस्यों की परतें मेजर बलवंत को ऐसे मामले में उलझा देती हैं, जहाँ हर सुराग किसी नए भ्रम की ओर ले जाता है। एक प्रसिद्ध इतिहासकार, दुर्लभ पुस्तकों का संग्रह, अनसुलझे अपराध और एक रहस्यमय शिकारी कुत्ते की छाया—इन सबके बीच छिपा है ऐसा सच, जिसे उजागर करने की कीमत जान भी हो सकती है।
जैसे-जैसे मेजर बलवंत जाँच में आगे बढ़ते हैं, उन्हें पता चलता है कि घटनाएँ उतनी सीधी नहीं हैं जितनी दिखाई देती हैं। पुराने संबंध, छिपी हुई महत्वाकांक्षाएँ और धोखे की कई परतें इस रहस्य को और उलझा देती हैं। आखिर इन धमकियों के पीछे कौन है? और क्यों हर सुराग किसी अदृश्य शिकारी की मौजूदगी का अहसास कराता है?
रोमांच, रहस्य और अप्रत्याशित मोड़ों से भरपूर “शिकारी कुत्ता” मेजर बलवंत श्रृंखला का एक ऐसा उपन्यास है जो पाठक को अंतिम पृष्ठ तक अनुमान लगाते रहने पर मजबूर कर देता है।
कोबरा
एक तूफ़ानी रात में एक रहस्यमयी युवती से हुई मुलाकात कर्नल सचिन सान्याल को ऐसे खतरनाक षड्यंत्र में धकेल देती है, जहाँ हर कदम पर मौत घात लगाए बैठी है। एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक की रहस्यमय हत्या, करोड़ों की गुप्त ज़मीन का खेल और हर अपराध स्थल पर छोड़ा गया एक भयावह संकेत—“कोबरा”। आखिर कौन है यह खूबसूरत लेकिन जानलेवा लड़की, और क्या संबंध है उसका उस रहस्यमय संगठन से, जिसका नाम सुनकर बड़े-बड़े लोग काँप उठते हैं? रहस्य, रोमांच और सस्पेंस से भरपूर यह उपन्यास पाठक को अंतिम पृष्ठ तक बाँधे रखता है।
शिकारी कुत्ता
एक के बाद एक मिलने वाली रहस्यमय धमकियाँ, अजीब संकेत और वर्षों पुराने रहस्यों की परतें मेजर बलवंत को ऐसे मामले में उलझा देती हैं, जहाँ हर सुराग किसी नए भ्रम की ओर ले जाता है। एक प्रसिद्ध इतिहासकार, दुर्लभ पुस्तकों का संग्रह, अनसुलझे अपराध और एक रहस्यमय शिकारी कुत्ते की छाया—इन सबके बीच छिपा है ऐसा सच, जिसे उजागर करने की कीमत जान भी हो सकती है।
जैसे-जैसे मेजर बलवंत जाँच में आगे बढ़ते हैं, उन्हें पता चलता है कि घटनाएँ उतनी सीधी नहीं हैं जितनी दिखाई देती हैं। पुराने संबंध, छिपी हुई महत्वाकांक्षाएँ और धोखे की कई परतें इस रहस्य को और उलझा देती हैं। आखिर इन धमकियों के पीछे कौन है? और क्यों हर सुराग किसी अदृश्य शिकारी की मौजूदगी का अहसास कराता है?
रोमांच, रहस्य और अप्रत्याशित मोड़ों से भरपूर “शिकारी कुत्ता” मेजर बलवंत श्रृंखला का एक ऐसा उपन्यास है जो पाठक को अंतिम पृष्ठ तक अनुमान लगाते रहने पर मजबूर कर देता है।
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