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Chaurasi
Chaurasi | चौरासी सन 1984 के सिख दंगों से प्रभावित एक प्रेम कहानी है। यह कथा नायक ऋषि के एक सिख परिवार को दंगों से बचाते हुए स्वयं दंगाई हो जाने की कहानी है। यह अमानवीय मूल्यों पर मानवीय मूल्यों के विजय की कहानी है। यह टूटती परिस्थियों मे भी प्रेम के जीवित रहने की कहानी है। यह उस शहर की व्यथा भी है जो दंगों के कारण विस्थापन का दर्द सीने में लिए रहती है। यह वक़्त का एक दस्तावेज़ है।
| Weight | 295 g |
|---|---|
| Dimensions | 20 × 14 × 4 cm |
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Chaurasi
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Abhishek Singh RajawatReviewer
सत्य व्यास, अपने किताब के विषय के साथ-साथ उसमें किये गए प्रयोगों के लिए अधिक जाने जाते हैं, हालाँकि मुझे इनकी इस किताब से कुछ अलग ही उम्मीद थी फिर भी एक मनोरंजक कहानी के रूप में उनका ये प्रयोग पूरी तरह सफल रहा है….
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Chaurasi | चौरासी सन 1984 के सिख दंगों से प्रभावित एक प्रेम कहानी है। यह कथा नायक ऋषि के एक सिख परिवार को दंगों से बचाते हुए स्वयं दंगाई हो जाने की कहानी है। यह अमानवीय मूल्यों पर मानवीय मूल्यों के विजय की कहानी है। यह टूटती परिस्थियों मे भी प्रेम के जीवित रहने की कहानी है। यह उस शहर की व्यथा भी है जो दंगों के कारण विस्थापन का दर्द सीने में लिए रहती है। यह वक़्त का एक दस्तावेज़ है।
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Weight 295 g Dimensions 20 × 14 × 4 cm -
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सत्य व्यास, अपने किताब के विषय के साथ-साथ उसमें किये गए प्रयोगों के लिए अधिक जाने जाते हैं, हालाँकि मुझे इनकी इस किताब से कुछ अलग ही उम्मीद थी फिर भी एक मनोरंजक कहानी के रूप में उनका ये प्रयोग पूरी तरह सफल रहा है….