ग्यारह साल सात महीने का पुटुस अपनी दादी के साथ जंगल में पला-बढ़ा है—इसी सच्चाई को वह अपनी दुनिया मानता आया है। लेकिन एक दिन दादी की तबीयत बिगड़ते ही उसके जीवन का सबसे बड़ा राज़ सामने आता है: पुटुस असल में दूर बसे जादुई देश भूभूस्थान का खोया हुआ राजकुमार है! उसके माता-पिता को दुष्ट भूताड़ी बहनों और उनके क्रूर पिता परम दस्यु ने कैद कर रखा है। तभी प्रकट होता है आधा-तोता, आधा-कौवा और अत्यंत बुद्धिमान राज-पक्षी काकतुआ, जो पुटुस को लेकर निकलता है एक रोमांचकारी यात्रा पर—तितलियों के हवाई रथ, मछलियों की नाव और वानरों की पालकी से गुजरती अद्भुत दुनिया। हर चरण में पुटुस को साहस, राजनीति, मित्रता और नेतृत्व की नई सीख मिलती है। क्या यह नन्हा राजकुमार अपने माता-पिता और अपने देश को बचा पाएगा?