Description
Banaras Talkies | बनारस टॉकीज – सत्य व्यास के नॉवल ‘बनारस टॉकिज़’ में कहानी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में स्थित भगवान दास हॉस्टल के कुछ छात्रों की है. नहीं, सिर्फ छात्रों की नहीं है- बनारस की भी है। कहानी के पात्र जितने बनारस में बसे हैं, उतना ही बनारस उनमें बसा है। कहानी का नायक या कहें तो सूत्रधार है संजय, जिसकी नायिका है शिखा। पर, ये संजय और शिखा की प्रेम कहानी भर तो नहीं है। कॅम्पस रोमांस है तो रैगिंग भी है। भविष्य की चिंता है तो वर्तमान की बेफिक्री भी है। कुल मिलाकर, एक कम्प्लीट पैकेज है बनारस टॉकीज!

बनारस टॉकीज न सिर्फ बनारस की कहानी है बल्कि लॉ स्कूल के छात्रों की दोस्ती, मस्ती और अठखेलियों का भी सटीक चित्रण है। आप कभी बनारस न भी गए हों तब भी कहानी पढ़ते पढ़ते बनारस आपको अपना लगने लगता है। कहानी में पात्रों की संवेदनाओं के जीवंत चित्र उकेरे गए हैं। भाषा प्रवाह उल्लेखनीय है। अगर आप अपने कॉलेज के दिनों को एक बार फिर जी लेना चाहते हैं तो ज़रूर पढ़िए।
अगर किसी उपन्यास को लेकर कोई फिल्म बन रही है तो वो अच्छा है, इस कथन से मन इत्तेफाक नहीं रखता, लेकिन ये लाख के उपर बिक चुकी कही जाने वाली किताब अगर आप दुबारा या तिबारा भी पढेगे तो आपको उतनी ही मनोरंजक लगेगी जितनी पहली बार में लगी थी.| अब ये बनारस का जादू है या शब्दों का ये तो आपको खुद पता लगाना पड़ेगा