
Bahan Ki Aabroo - -
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Bahan Ki Aabroo
बहन की आबरू
एक बहन की चीख…
एक भाई की कसम…
और इंसाफ की तलाश में शुरू हुआ ऐसा खूनी सफर, जिसने पूरे शहर को दहला दिया।
जब कुछ रसूखदार दरिंदे एक मासूम लड़की की इज्जत और जिंदगी को रौंद डालते हैं, तब कानून, समाज और व्यवस्था सब मौन दिखाई देते हैं। लेकिन एक भाई उस अपमान को भूलने और अपराधियों को बच निकलने देने के लिए तैयार नहीं होता। उसकी आंखों में केवल एक लक्ष्य है—अपनी बहन के साथ हुए अन्याय का बदला।
धीरे-धीरे वे लोग रहस्यमय परिस्थितियों में मौत का शिकार होने लगते हैं, जो कभी अपने प्रभाव और ताकत के घमंड में चूर थे। हर हत्या के बाद पुलिस के सामने नए सवाल खड़े हो जाते हैं। क्या यह एक आहत भाई का प्रतिशोध है, या कोई और व्यक्ति इस दर्दनाक घटना का फायदा उठाकर अपना खेल खेल रहा है?
मेजर बलवंत जब मामले की जांच शुरू करते हैं, तो उन्हें केवल हत्या की गुत्थी ही नहीं, बल्कि समाज के उस काले चेहरे का भी सामना करना पड़ता है, जहाँ पैसे और शक्ति के दम पर अपराधों को दबा दिया जाता है। हर सुराग उन्हें एक ऐसे सच की ओर ले जाता है, जो किसी भी अदालत के फैसले से अधिक भयावह है।
क्या बदले की आग में जलता भाई सचमुच अपराधियों तक पहुँच चुका है?
क्या कानून और न्याय आमने-सामने खड़े होने वाले हैं?
और क्या मेजर बलवंत इस रहस्य को सुलझाकर असली अपराधी तक पहुँच पाएंगे?
भावनाओं, रहस्य, रोमांच और न्याय की तीव्र आकांक्षा से भरपूर “बहन की आबरू” मेजर बलवंत सीरीज का एक प्रभावशाली उपन्यास है, जो पाठकों को केवल सस्पेंस ही नहीं, बल्कि समाज की कठोर सच्चाइयों से भी रूबरू कराता है।
| Weight | 250 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 15 × 2 cm |
| Condition | |
| Language | हिंदी |
| Format | पेपरबैक |
| Number of Pages | 216 |
Bahan Ki Aabroo
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बहन की आबरू
एक बहन की चीख…
एक भाई की कसम…
और इंसाफ की तलाश में शुरू हुआ ऐसा खूनी सफर, जिसने पूरे शहर को दहला दिया।
जब कुछ रसूखदार दरिंदे एक मासूम लड़की की इज्जत और जिंदगी को रौंद डालते हैं, तब कानून, समाज और व्यवस्था सब मौन दिखाई देते हैं। लेकिन एक भाई उस अपमान को भूलने और अपराधियों को बच निकलने देने के लिए तैयार नहीं होता। उसकी आंखों में केवल एक लक्ष्य है—अपनी बहन के साथ हुए अन्याय का बदला।
धीरे-धीरे वे लोग रहस्यमय परिस्थितियों में मौत का शिकार होने लगते हैं, जो कभी अपने प्रभाव और ताकत के घमंड में चूर थे। हर हत्या के बाद पुलिस के सामने नए सवाल खड़े हो जाते हैं। क्या यह एक आहत भाई का प्रतिशोध है, या कोई और व्यक्ति इस दर्दनाक घटना का फायदा उठाकर अपना खेल खेल रहा है?
मेजर बलवंत जब मामले की जांच शुरू करते हैं, तो उन्हें केवल हत्या की गुत्थी ही नहीं, बल्कि समाज के उस काले चेहरे का भी सामना करना पड़ता है, जहाँ पैसे और शक्ति के दम पर अपराधों को दबा दिया जाता है। हर सुराग उन्हें एक ऐसे सच की ओर ले जाता है, जो किसी भी अदालत के फैसले से अधिक भयावह है।
क्या बदले की आग में जलता भाई सचमुच अपराधियों तक पहुँच चुका है?
क्या कानून और न्याय आमने-सामने खड़े होने वाले हैं?
और क्या मेजर बलवंत इस रहस्य को सुलझाकर असली अपराधी तक पहुँच पाएंगे?
भावनाओं, रहस्य, रोमांच और न्याय की तीव्र आकांक्षा से भरपूर “बहन की आबरू” मेजर बलवंत सीरीज का एक प्रभावशाली उपन्यास है, जो पाठकों को केवल सस्पेंस ही नहीं, बल्कि समाज की कठोर सच्चाइयों से भी रूबरू कराता है।
| Weight | 250 g |
|---|---|
| Dimensions | 22 × 15 × 2 cm |
| Condition | |
| Language | हिंदी |
| Format | पेपरबैक |
| Number of Pages | 216 |
Bahan Ki Aabroo
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Satisfied
Printing of novel so dim so difficult to reading
Excellent experience
Not on time. Lazy delivery, no as promised while pre book.
Very nice