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Chola Mati Ke Ram बस्तर के अघोषित युद्ध क्षेत्र में क्या होता है? क्या होता है जब एक नक्सली, एक पुलिसवाला और एक युवा छात्र आपस में किसी मुद्दे पर भिड़ जाते हैं शब्दों के भँवर में?
जो बॉलीवुड की फिल्मों में या एसी कमरों में बैठ कर नॉवेल लिखते हैं बस्तर पर, क्या वैसा ही है बस्तर? बस्तर का हर आदिवासी ‘बुधमन’ है, ज़रूरत है उसे पहचानने की,उसकी तकलीफों को, पीड़ा को समझने की, उसे अपनाने की। बस्तर के प्रत्यक्ष अनुभवों के आधार पर लिखी हुई किताब है “चोला माटी के राम” अनसुने लड़ाकों का अंतहीन युद्ध।
| Weight | 200 g |
|---|---|
| Dimensions | 13 × 1.5 × 20 cm |
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