Amarkant: Jeevan Aur Sahitya | अमरकांत: जीवन और साहित्य
अमरकांत का लेखन पाठक के समक्ष ज़िंदगी का बेलौस चित्र प्रस्तुत करता है पर, हिंदी साहित्यिक समाज द्वारा अभी भी उनको ढंग से समझा नहीं गया है।
‘अमरकांत: जीवन और साहित्य’ के प्रकाशन के पीछे उद्देश्य यही रहा है कि अमरकांत को सलीके से समझा जा सके। यह समझना केवल उनके साहित्य तक ही सीमित न रहे बल्कि उनके व्यक्तित्व के उन पहलुओं का भी हो जो अमरकांत को अमरकांत बनाते थे। इसीलिये इस पुस्तक में आलोचकों, लेखकों के अमरकांत पर लिखे लेखों के अलावा उनसे समय-समय पर लिये गए कुछ महत्वपूर्ण साक्षात्कार, उनसे जुड़े कुछ व्यक्तिगत संस्मरण और उनकी कुछ चर्चित कहानियों तथा उपन्यासों की समीक्षाओं समावेश किया गया है।
उम्मीद है इससे जहाँ पाठकों को अमरकांत को सम्पूर्णता में समझने में मदद मिलेगी, वहीं उन पर शोध करने वाले छात्रों को भी सुविधा होगी।