साउथ दिल्ली के संगम विहार इलाके में रहते चार दोस्तों में से तीन ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी, चौथे का गला काट दिया गया। चारों ने कथित तौर पर एक ही शख्स दिलबाग सिंह को कर्जा दिया था जो वापिस नहीं लौटा रहा था। तीन के सुसाईड नोट में ये बात दर्ज थी कि दिलबाग सिंह से तंग आकर अपनी जान दे रहे थे, जो कि पुलिस के लिए बहुत हैरानी की बात थी। उनका दिमाग कह रहा था कि चारों कत्ल के मामले थे, मगर कत्ल को कत्ल साबित करने लायक कोई एविडेंस उनके हाथ नहीं लगे थे। हत्यारा आजाद घूम रहा था और पुलिस रेत में मछलियां पकड़ रही थी। फिर अचानक ही एक ऐसी जानकारी उनके हाथ लगी जिसने केस का रुख ही बदलकर रख दिया।