615 Poorvanchal Hostel
यह उपन्यास जेएनयू जीवन पर आधारित है। कहते हैं जो भी यहाँ कुछ साल रहकर पढ़ाई-लिखाई कर लेता है उसे प्रेम हो जाता है, यहाँ की हवा से, पहाड़ी से, यहाँ तक कि कैंटीन, रास्ते और वो सब कुछ से जिसे आँखों से देखा जा सके। जो यहाँ के हो गए वे फिर कहीं और के नहीं हो पाए।
उपन्यास में तीन मुख्य पात्र हैं- शेखर, इवा और जेएनयू। शेखर नाम का एक युवा पूरब से जेएनयू में पढ़ाई के लिए आता है और फिर जेएनयू कैसे शेखर के जीवन को साँचे में ढालता है यही इस उपन्यास का विषय है। यहाँ प्रेम है तो छात्र राजनीति भी, लाइब्रेरी में पढ़ाई है तो लाइब्रेरी कैंटीन में दोस्तों के बीच डिस्कशन भी, द्वेष है और द्वंद्व भी, ऐकडेमिक करियर है तो जीवन के संघर्ष भी। छात्र जीवन के तमाम पहलुओं को आपस में समेटे यह उपन्यास आपको देश के सबसे प्रसिद्ध और सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय में आमंत्रित-सा करता प्रतीत होता है।
तो आइए चलते हैं शेखर, इवा और उनके जेएनयू की दुनिया में…
| Weight | 165 g |
|---|---|
| Dimensions | 20 × 14 × 2 cm |
| Format | पेपरबैक |
| Language | हिंदी |
| Number of Pages | 224 |
Q & A
615 Poorvanchal Hostel
- Add a review
615 Poorvanchal Hostel
Rating*0/5* Rating is requiredYour review* Review is requiredName* Name is requiredEmail* Email is required0.0Based on 0 reviews50%40%30%20%10%0 of 0 reviewsSorry, no reviews match your current selections
यह उपन्यास जेएनयू जीवन पर आधारित है। कहते हैं जो भी यहाँ कुछ साल रहकर पढ़ाई-लिखाई कर लेता है उसे प्रेम हो जाता है, यहाँ की हवा से, पहाड़ी से, यहाँ तक कि कैंटीन, रास्ते और वो सब कुछ से जिसे आँखों से देखा जा सके। जो यहाँ के हो गए वे फिर कहीं और के नहीं हो पाए।
उपन्यास में तीन मुख्य पात्र हैं- शेखर, इवा और जेएनयू। शेखर नाम का एक युवा पूरब से जेएनयू में पढ़ाई के लिए आता है और फिर जेएनयू कैसे शेखर के जीवन को साँचे में ढालता है यही इस उपन्यास का विषय है। यहाँ प्रेम है तो छात्र राजनीति भी, लाइब्रेरी में पढ़ाई है तो लाइब्रेरी कैंटीन में दोस्तों के बीच डिस्कशन भी, द्वेष है और द्वंद्व भी, ऐकडेमिक करियर है तो जीवन के संघर्ष भी। छात्र जीवन के तमाम पहलुओं को आपस में समेटे यह उपन्यास आपको देश के सबसे प्रसिद्ध और सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय में आमंत्रित-सा करता प्रतीत होता है।
तो आइए चलते हैं शेखर, इवा और उनके जेएनयू की दुनिया में…
Weight 165 g Dimensions 20 × 14 × 2 cm Format पेपरबैक
Language हिंदी
Number of Pages 224 Q & A
Ask a question
615 Poorvanchal Hostel
Your question* Question is requiredName* Name is requiredEmail* Email is required* Please tick the checkbox to proceedThis site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.There are no questions yet



Reviews
There are no reviews yet